दिखाऊं कोनी लाडलो नजर लग जाए भजन।

 दिखाऊं कोनी लाडलो नजर लग जाए भजन


नजर लग जाय रे,जुलम होय जाय -2

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय|
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय || -2

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विषधर तेरे गले में लिपटे, अंग वभूत रमाय,
तेरे रूप को देखके जोगी, लाल मेरो डर जाये, 

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।।

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​सुन बातें मैया की भोले, मंद मंद मुस्काये,
जिससे सारा जगत है डरता, उसको कौन डराये,

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।।

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हीरा मोती लाल जवाहर जो चाहे ले जाए ,

पर जोगी नंदलाल के दर्शन कभी ना होने पाए,

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।।

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​हो उदास शिव भोले शम्बू, अपने कदम बढ़ाये,
शिव को जाते देख कन्हैया, रो रो कर चिल्लाये,

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।।

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​नन्दलाल का रोना सुनकर, बोली मात यशोदा,
नजर लगा दी मेरे लाल को, हाय हाय अब क्या होगा,

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।।

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इतना सुनकर मात यशोदा, मोहन को ले आई,
दर्शन किये हरी के शिव ने, राजू ख़ुशी मनाई,​

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।। -2

दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय ।
नजर लग जाए रे,​ जुलम होय जाय ।। -2







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