दिखाऊं कोनी लाडलो नजर लग जाए भजन।
दिखाऊं कोनी लाडलो नजर लग जाए भजन नजर लग जाय रे,जुलम होय जाय -2 दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय| नजर लग जाए रे, जुलम होय जाय || -2 🌸🌸🌸 विषधर तेरे गले में लिपटे, अंग वभूत रमाय, तेरे रूप को देखके जोगी, लाल मेरो डर जाये, दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय । नजर लग जाए रे, जुलम होय जाय ।। 🌸🌸🌸 सुन बातें मैया की भोले, मंद मंद मुस्काये, जिससे सारा जगत है डरता, उसको कौन डराये, दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय । नजर लग जाए रे, जुलम होय जाय ।। 🌸🌸🌸 हीरा मोती लाल जवाहर जो चाहे ले जाए , पर जोगी नंदलाल के दर्शन कभी ना होने पाए, दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय । नजर लग जाए रे, जुलम होय जाय ।। 🌸🌸🌸 हो उदास शिव भोले शम्बू, अपने कदम बढ़ाये, शिव को जाते देख कन्हैया, रो रो कर चिल्लाये, दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय । नजर लग जाए रे, जुलम होय जाय ।। 🌸🌸🌸 नन्दलाल का रोना सुनकर, बोली मात यशोदा, नजर लगा दी मेरे लाल को, हाय हाय अब क्या होगा, दिखाऊं कोनी लाड़लो,नजर लग जाय । नजर लग जाए रे, जुलम होय जाय ।। 🌸🌸🌸 इतना सुनकर मात यशोदा, मोहन को ले आई, दर्शन किये हरी के शिव ने, राजू ख़ुशी मनाई, ...